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नई दिल्ली,( समयधारा) : नवरात्र का आज 5वां दिन है l इस बार कोरोना वायरस ने माँ के दरबार में भक्तों की हाजरी नदारद है l
पर देवी माँ के भक्त उनकी पूजा घर से भी उसी लगन और श्रद्धा के साथ करते है l
नवरात्र में माँ दुर्गा के सभी स्वरूप हमें सांसारिक जीवन में कुछ न कुछ देकर जाते है l
हमारे बीच बहुत से ऐसे लोग है जो इस संसार की मोह माया से तंग आ चूके है l
उन्ही लोगो के लिए माँ जगदंबे का यह 5वां स्वरूप माँ स्कंदमाता देवी को पूजने से,
हमें समस्त मोह-माया से छुटकारा मिल जाता है, व मोक्ष की प्राप्ति होती है l
दक्षिण भारत में माँ के इस स्वरूप को ज्यादा पूजा जाता है l भगवान कार्तिकेय की माँ के रूप में माँ स्कंदमाता को पूजा जाता है l
आज हम आपको माँ के पांचवें स्वरूप माँ स्कंदमाता के बारें में बतलायेंगे l
नवरात्र का पांचवा दिन स्कंदमाता की ऐसे करें पूजा l navratri-special-5th-day-maa-skandamata-puja-vidhi-archana
कहते है मोक्ष को पाने का सबसे सरल उपाय है नवरात्र में माँ स्कंदमाता का ध्यान करना l
दुनिया की सारी मोह माया से दूर, हमें मोक्ष की तरफ ले जाती है माँ स्कंदमाता l
माँ अम्बे के पांचवे स्वरुप को स्कंदमाता के स्वरूप में पूजा जाता है l
भगवती दुर्गा के इस पाचवें स्वरूप को पूजने से सारे कष्ट मिट जाते है और सारे पाप धुल जाते है l
देवी स्कंदमाता के इस पाचवे स्वरुप में माँ हमें आशीर्वाद के रूप में मोक्ष देती है l
माँ की आराधना करने के लिए इस मंत्र का पाठ करना चाहियें l
ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
इस देवी को साउथ इंडिया में भी काफी पूजा जाता है l इसे कार्तिकेय भगवान की माता कहा जाता है l
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