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Sunday Thoughts अजीब रिपोर्ट आई है पोस्टमार्टम की,रिश्तों में धोखे की मात्रा ज्यादा पाई गयी 

दर्द सबके एक है मगर हौंसले सबके अलग-अलग है कोई हताश हो के बिखर गया तो कोई संघर्ष करके निखर गया..!

Sunday thoughts in hindi suvichar suprabhat motivational quotes in hindi 

अजीब रिपोर्ट आई है

पोस्टमार्टम की 

रिश्तों में धोखे की मात्रा

ज्यादा पाई गयी 

Sunday Thoughts : दर्द सबके एक है मगर हौंसले सबके अलग-अलग है

दर्द सबके एक है

मगर हौंसले सबके अलग-अलग है

कोई हताश हो के बिखर गया

तो कोई संघर्ष करके निखर गया..!

Sunday Thoughts : बहुत सौदे होते हैं संसार में, मगर सुख बेचने वाले…

जीवन में किसी को रुलाकर
हवन भी करवाओगे तो
कोई फायदा नहीं

और अगर रोज किसी एक
आदमी को भी हँसा दिया तो
मेरे दोस्त
आपको अगरबत्ती भी
जलाने की जरुरत नहीं

Sunday Thoughts : समय के पास इतना समय नहीं है कि,वह आपको दोबारा समय दे सके..!!

136 Powerful Motivational Quotes-Suvichar in hindi

 आज मैंने मना किया,

अपने आप को तनाव से मुक्त किया..!

चींजे जिनपर मेरा नियंत्रण नहीं है,

जिन्हें में बदल नहीं सकता उनसे..!! 

Sunday Thoughts : लोग पहले,अच्छे हुआ करते थे और अब अच्छे बनते है, फर्क है न..जनाब

 इंसानी रिश्तों में आपस में जितनी
सहनशीलता
क्षमाशीलता, और
समझदारी
होगी…..

आपसी रिश्तों की उम्र
उतनी ही लंबी होगी……!

Sunday Thoughts : नहीं जीना मुझे अब उस नकली अपनों के मेले में…खुश रहने की कोशिश कर लूंगा खुद ही अकेले में

 समय मत लगाओ तय करने में कि,
आपको क्या करना है,
वरना समय तय कर लेगा कि
आपका क्या करना है 

Sunday thoughts in hindi suvichar suprabhat motivational quotes in hindi 

Sunday Thoughts : एक पेड़ से लाखो माचिस की तिलियाँ बनाई जा सकती है…

समझदारी की बात इसी में है की

आप कभी भी उस व्यक्ति पर पूरा विश्वास मत करे

जिससे आप एक बार भी धोखा खा चुके हो।

Sunday Thoughts : ‘समय’ वह है जिसे हम सबसे ज्यादा चाहते हैं…

136 Powerful Motivational -Quotes-Suvichar in hindi

 अगर आप में आत्मविश्वास है,

तो आप किसी काम को शुरू करने से पहले ही जीत चुके हो।

 सिर्फ़, ‘दिखावे’ के लिए अच्छा बनना’..!
“बुरे होने से भी ज़्यादा, “बुरा” है”…!!

Sunday Thoughts : सिर्फ अपनों के होने से कुछ नहीं होता, उन अपनों से अपनेपन का अहसास भी होना चाहिए

कल शीशा था,
सब देख-देख कर जाते थे।
आज टूट गया,
सब बच-बच कर जाते हैं।
समय के साथ,
देखने और इस्तेमाल का
नजरिया बदल जाता है।

Sunday Thoughts : उठाना खुद ही पड़ता है, थका हुआ बदन अपना 

 

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Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

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