
Telegram Blocked in India की खबर ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। Telegram Blocked in India को लेकर केंद्र सरकार ने NEET UG री-एग्जाम से पहले बड़ा फैसला लिया है। Telegram Blocked in India के तहत प्लेटफॉर्म की पहुंच पर अस्थायी रोक लगाने के साथ-साथ उसके Message Edit फीचर पर भी सीमित अवधि के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार और परीक्षा एजेंसियों का मानना है कि Telegram Blocked in India जैसे कदम फर्जी पेपर लीक, अफवाहों और छात्रों से ठगी करने वाले नेटवर्क पर लगाम लगाने में मदद कर सकते हैं।
Telegram Blocked in India-NEET री-एग्जाम से पहले क्यों लिया गया फैसला?

NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सरकार को कई ऐसे Telegram चैनलों की जानकारी दी थी, जो कथित तौर पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहे थे।
इन चैनलों पर छात्रों और अभिभावकों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग की जा रही थी। दावा किया जा रहा था कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
परीक्षा एजेंसियों का कहना है कि ऐसे दावे पूरी तरह भ्रामक हैं और इनका उद्देश्य छात्रों को गुमराह करना है।
22 जून तक क्या रहेगा प्रतिबंध?
Telegram Blocked in India पर सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है।
यह प्रतिबंध NEET UG री-एग्जाम और उसके तुरंत बाद की अवधि तक प्रभावी रहेगा। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान गलत सूचनाओं और फर्जी दस्तावेजों के प्रसार को रोकना है।
Message Edit फीचर पर भी कार्रवाई
Telegram Blocked in India के तहत सिर्फ प्लेटफॉर्म तक पहुंच ही नहीं, बल्कि Telegram के Message Edit फीचर को भी लेकर सरकार ने चिंता जताई है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि कुछ मामलों में पुराने संदेशों को बाद में संपादित कर उनमें प्रश्नपत्र या अन्य सामग्री जोड़ दी जाती थी। इसके बाद स्क्रीनशॉट साझा कर यह दावा किया जाता था कि पेपर पहले से उपलब्ध था।
इसी वजह से Message Edit फीचर को सीमित अवधि तक निष्क्रिय करने का निर्णय लिया गया है।
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फर्जी पेपर लीक गैंग पर शिकंजा
सूत्रों के अनुसार कई Telegram ग्रुप और चैनल ऐसे नामों से चल रहे थे जो छात्रों को आकर्षित कर सकें।
इन प्लेटफॉर्म्स पर “लीक पेपर”, “री-NEET अपडेट” और अन्य भ्रामक नामों का उपयोग कर छात्रों को जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही थी।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षित परीक्षा प्रणाली के बाहर कोई वास्तविक प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं होता और ऐसे सभी दावे धोखाधड़ी की श्रेणी में आते हैं।

छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या सलाह?
Telegram Blocked in Indiaपर NTA और प्रशासन ने छात्रों को सलाह दी है कि वे किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट, Telegram चैनल या अनजान व्यक्ति के दावों पर भरोसा न करें।
यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर प्रश्नपत्र देने का दावा करता है तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
परीक्षा से जुड़ी हर जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से ही प्राप्त करें।
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क्या इससे परीक्षा प्रक्रिया और सुरक्षित होगी?
Telegram Blocked in India के फैसले पर विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के दौरान अफवाहों पर रोक लगाने के लिए यह कदम प्रभावी साबित हो सकता है।
हालांकि कुछ लोग इसे अस्थायी और असाधारण कदम मान रहे हैं, लेकिन परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सरकार इसे आवश्यक बता रही है।
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छात्रों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- केवल आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा करें
- किसी भी कथित लीक पेपर पर विश्वास न करें
- सोशल मीडिया अफवाहों से बचें
- एडमिट कार्ड और परीक्षा निर्देश समय पर जांचें
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना अधिकारियों को दें
FAQs-Telegram Blocked in India
1. Telegram Blocked in India क्यों ट्रेंड कर रहा है?
NEET UG री-एग्जाम से पहले Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध की खबर के कारण।
2. Telegram पर प्रतिबंध कब तक रहेगा?
सरकारी आदेश के अनुसार 22 जून 2026 तक।
3. Message Edit फीचर पर क्या कार्रवाई हुई है?
इसे सीमित अवधि के लिए बंद या प्रतिबंधित किया गया है।
4. यह फैसला क्यों लिया गया?
फर्जी पेपर लीक, अफवाहों और छात्रों से ठगी रोकने के लिए।
5. क्या NEET प्रश्नपत्र लीक हुआ था?
अधिकारियों के अनुसार सुरक्षित परीक्षा प्रणाली के बाहर कोई वास्तविक प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं था।
6. छात्रों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी लीक पेपर के दावे से बचें।
7. क्या यह प्रतिबंध स्थायी है?
नहीं, यह एक अस्थायी और सीमित अवधि का कदम बताया गया है।
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क्या आपको लगता है कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में अफवाहों और फर्जी पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं?
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