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NSA चीफ डोभाल से बात के बाद गलवान घाटी में 2किमी. पीछे हटी चीनी सेना:सूत्र

हालांकि भारतीय जवान भी पीछे आ गए और दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच एक बफर ज़ोन बना दिया गया है...

China move back in galwan valley after NSA Ajit Doval talks 

नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार प्रमुख (NSA chief) अजीत डोभाल (Ajit Doval) और चीन के विदेश मंत्री (Chinese Foreign Minister) वांग यी के बीच रविवार को हुई बातचीत के बाद लद्दाख में गलवान घाटी से चीनी सैनिक पीछे हट(China move back in galwan valley) गए है। यह खबर सूत्रों के हवाले से आ रही है।

गौरतलब है कि 15 जून की रात गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद 20 भारतीय जवान शहीद (20 Indian soldiers) हो गए। तभी से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत-चीन के बीच तनाव (India-China border tension) जारी है।

विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच फोन पर बातचीत हुई है। भारत के NSA चीफ अजीत डोभाल (NSA Ajit Doval talks with Chinese Foreign Minister) ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत की।

दोनों के बीच 5जुलाई को बातचीत हुई और हाल के घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच शांति बहाल करने पर जोर रहा।

साथ ही दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने पर भी जोर रहा। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि LAC पर भारत की सेना (Indian army) भी पीछे हटी है।

अजित डोभाल और चीन (China) के विदेश मंत्री के बीच बातचीत में दोनों देशों की सेनाओं के सिलसिलेवार तरीके से पीछे हटने पर सहमति बनी है।

साथ इस पर भी बात हुई है कि कोई भी पक्ष एकतरफ यथास्थिति को न बदलें।

सूत्रों के अनुसार, चीनी सेना के 15 जून को एलएसी (LAC) पर झड़प वाली जगह से पेट्रोल पॉइंट 14  से 1.5 से 2 किलोमीटर पीछे हटने की खबर है।

सूत्रों ने सोमवार को बताया कि, चीन ने अपने सैनिकों को गलवान नदी घाटी में कम से कम एक किलोमीटर पीछे किया (China move back in galwan valley after NSA Ajit Doval talks) है।

हालांकि भारतीय जवान भी पीछे आ गए और दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच एक बफर ज़ोन बना दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, चीनी सैनिकों ने गलवान नदी के मोड़ से हटना शुरू कर दिया है और इस इलाके से अस्थायी ढांचों और टेंट को हटा दिया गया है।

वर्तमान में, यह प्रक्रिया सिर्फ गलवान घाटी तक में सीमित है।

सूत्रों ने कहा, “हमें यह देखना होगा कि क्या पीछे हटने और तनाव कम करने की यह एक स्थायी, वास्तविक प्रक्रिया है।”

सूत्रों के मुताबिक, दोनों ओर बने अस्थायी ढांचों को हटा दिया गया है। इसका भौतिक रूप से सत्यापन भी किया गया है।

गौरतलब है कि हाल में ही भारत ने चीन को गहरी आर्थिक चोट पहुंचाने वाले कदम उठाएं है।

China move back in galwan valley after NSA Ajit Doval talks 

जिनमें चीन के लोकप्रिय एप टिकटॉक (TikTok) सहित 59 चाइनीज एप को भारत में बैन कर दिया गया है और कई चीनी कंपनियों के भारतीय व्यापारिक करार रद्द कर दिए गए है।

इतना ही नहीं, स्वंय पीएम मोदी(PM Modi) के आकस्मिक लद्दाख के लेह में यात्रा के तीन दिन बाद चीन की सेनाओं के पीछे हटने की खबर आ रही है।

चीन ने एलएसी पर घायल जवानों से मुलाकात करने के साथ जवानों का हौंसला बढ़ाया था और चीन का नाम लिए बिना अपने संबोधन में कहा था कि विस्तारवाद का युग खत्म हो गया है और यह विकासवाद का युग है।

इतिहास गवाह है कि विस्तारवादी ताकतें या तो हार गई हैं या वापस लौटने के लिए मजबूर हो गई हैं,”

हालांकि गलवान घाटी (Galwan Valley) में सैन्य झड़प के बाद, भारत और चीन सेना के कमांडर स्तर पर तीसरे दौर की बैठक के पश्चात् दोनों सेनाओं के पीछे हटने की बात सामने आ रही है।

 

China move back in galwan valley after NSA Ajit Doval talks 

(इनपुट एजेंसी से भी)

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