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Turkey Earthquake:तुर्की भूंकप के 41 झटकों से महज 12 घंटों में हुआ बर्बाद,जानें बार-बार भूकंप का कारण

आखिर तुर्की में लगातार इतने भूकंप क्यों आ रहे है। आखिर एक ही जगह पर बार-बार भूकंप आने के पीछे क्या वैज्ञानिक कारण है?चलिए बताते है।

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भूकंप के निरंतर झटकों से तुर्की(TurkeyEarthquake)अब तक दहल रहा है। आलम यह है कि महज 12 घंटों में कुल 41 भूकंप के झटकों से तुर्की बर्बाद हो(Turkey-ruined-by-frequent-powerful-earthquakes)गया।

सोमवार तड़के तुर्की(Turkey)में विशालकाय भूकंप आया,जिसकी तीव्रता 7.8 की मापी(#TurkeyEarthquake)गई। इसमें अभी तक 5,000 से ज्यादा लोगों के मरने की जानकारी मिली है।

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तुर्की में बार-बार भूंकप का कारण

तुर्की भूकंप के इस झटके से संभला भी नहीं था कि फिर से दूसरा भूकंप तुर्की और सीरिया(#syriaearthquake)में कंपन पैदा करने लगा,जोकि 7.5तीव्रता वाला था।

तुर्की में आया पहला और दूसरा भूकंप सदी का इतना जोरदार झटका था कि उससे जमीन देर तक कंपन करती रही और बड़ी-बड़ी इमारते भरभराकर सेकेंड्स में जमींदोज हो(TurkeyEarthquake-Turkey-ruined-by-frequent-powerful-earthquakes-know-the-reason)गई।

इससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ।तुर्की में आएं जोरदार भूकंप ने तबाही का इतना दर्दनाक मंजर बिखेरा जिसकी गूंज सोशल मीडिया पर फोटोज और वीडियोज के रूप में अब तक दिख रही है।

भूकंप ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया। महंगाई के कारण जीडीपी पहले ही गिर रही थी और अब भूकंप के कारण तुर्की की करेंसी का मूल्य भी घट गया है।

तुर्की में भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा और आशंका जताई जा रही है कि फिर से भूकंप(Earthquake)के झटकों से तुर्की दहल सकता है।

दुनिया भर के देशों ने बचाव प्रयासों में सहायता के लिए दलों को भेजा है. तुर्की की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा कि आपात सेवाओं के 24,400 से अधिक कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं.

अधिकारियों को आशंका है कि सोमवार भोर से पहले आए भूकंप और बाद के झटकों से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि बचावकर्मी मंगलवार को भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे.

इतना ही नहीं, यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की वेबसाइट के मुताबिक तुर्की में 12 घंटे में 4 से अधिक तीव्रता के कम से कम 41 भूकंप के झटके महसूस किए(TurkeyEarthquake-Turkey-ruined-by-frequent-powerful-earthquakes-know-the-reason)गए।

सीरिया की सीमा से सटे दक्षिण-पूर्वी तुर्की पहले मजबूत झटके के बाद दूसरा मजबूत झटका स्थानीय समयानुसार दोपहर में 7.5 तीव्रता का दर्ज किया गया.

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इस भूकंप से तुर्की और सीरिया दोनों बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. बीते कुछ घंटों में आए भूकंप के झटकों ने तुर्की और सीरिया में तबाही मचा दी है.

उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों तक भारी झटकों के बाद भी भूकंप का सिलसिला जारी रहने वाला है.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर तुर्की में लगातार इतने भूकंप क्यों आ रहे है। आखिर एक ही जगह पर बार-बार भूकंप आने के पीछे क्या वैज्ञानिक कारण है?चलिए बताते (TurkeyEarthquake-Turkey-ruined-by-frequent-powerful-earthquakes-know-the-reason)है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

तुर्की में आए भूकंप के पीछे का वैज्ञानिक

Second major earthquake in Turkey 1300 people killed so far, Turkey Bhukump ki khabre
ताबड़तोड़ एक के बाद तुर्की में दूसरा भूकंप,

तुर्की और सीरिया में अफ्रीकन, यूरेशियन और अरबियन सिज्मिक प्लेटों के टकराने की वजह से भूकंप के झटके आए हैं.

अरबियन प्लेट उत्तर की ओर गति करने और अनतोलियन प्लेट (Anatolian plate) के पश्चिम की ओर गति करने से झटके महसूस किए गए और इन्हीं झटकों से तुर्की और सीरिया सीमाई इलाका भूकंप की चपेट में आया।

USGS ने बताया कि सोमवार को सीरिया बार्डर के नजदीक इस्टर्न अनटोलियन ब्लॉक (eastern Anatolian block) पर वर्टिकल फॉल्ट लाइन के पास भूकंप के झटके महसूस किए गए.

USGS ने मौजूदा घटना के बारे में बताया कि भूकंप का मैकेनिज्म और लोकेशन पूर्वी अनातोलिया फॉल्ट ज़ोन या डेड सी ट्रांसफ़ॉर्म फ़ॉल्ट ज़ोन (East Anatolia fault zone or the Dead Sea transform fault zone) पर आए भूकंप के अनुरूप है.

ईस्ट एनाटोलिया फॉल्ट एजियन सागर (Aegean Sea) में तुर्की के पश्चिम की ओर बहिर्वाह (westward extrusion) को समायोजित करता है, जबकि डेड सी ट्रांसफॉर्म उत्तर की ओर गति को समायोजित करता है. ऐसे में अफ्रीका और यूरेशिया प्लेटों के सापेक्ष अरब प्रायद्वीप (Arabian peninsula) में गति देखने को मिलता है.

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भूकंप से प्रभावित हुए ये इलाके

सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 4.17 बजे दक्षिणी तुर्की के गजियांटेप प्रांत में नूरदगी भूकंप का केंद्र रहा. इस इलाके में 7.8 तीव्रता के झटके आए और इलाके में तबाही मचा दी।

उसी दिन भारतीय समयानुसार करीब शाम 4 बजे और स्थानीय समयानुसार दोपहर में गाजियांटेप से 80 किलोमीटर दूर कहरामनमारस प्रांत (Kahramanmaras province) के एकिनोजु (Ekinozu) में दूसरा 7.5 तीव्रता का झटका आया।

इस बीच 12 घंटो में 40 भूकंप के झटके महसूस किए गए।

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तुर्की क्यों बना भूकंप का केंद्र

पूर्वी भूमध्य क्षेत्र में तुर्की, सीरिया और जॉर्डन शामिल हैं. अफ्रीकन, अरबियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों (tectonic plates) और एनाटोलियन टेक्टोनिक ब्लॉक (Anatolian tectonic block) के बीच टकराव के कारण तुर्की भूकंप का केंद्र बना।

 

 

 

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पहले भी इन हिस्सो में आ चुके हैं अधिक तीव्रता वाले भूकंप

भूकंप के लिहाज से तुर्की और सीरिया में एक्टिव जोन में आते हैं। तुर्की और सीरिया के जिन इलाको में भूकंप के मजबूत झटके आए हैं दरअसल वह इलाके एनाटोलिया टेक्टोनिक ब्लॉक (Anatolia tectonic block) नामक एक सिस्मिक फॉल्ट लाइन के दायरे में स्थित है, जो उत्तरी, मध्य और पूर्वी तुर्की से होकर गुजरती है. तुर्की और सीरिया के भूकंप प्रभावित क्षेत्र सिज्मिकली एक्विव जोन ( seismically active zone) में है।

हालांकि हिमालयन रीजन (Himalayan region) की तुलना में तुर्की और सीरिया के इलाके भूकंप के लिहाज से कम खतरनाक है. हाल के सालों में 5 या उससे अधिक तीव्रता वाले कम ही भूकंप इन इलाके में आए हैं।

USGS के मुताबिक 1970 के बाद से अब तक तुर्की और सीरिया में 6 या उससे अधिक तीव्रता के केवल तीन ही भूकंप अब तक आए हैं. 2023 पहले इन क्षेत्रों में आखिरी बड़ा भूकंप जनवरी 2020 में आया था।

साइंटिस्ट का कहना है कि हिमालयन रीजन में सतह के नीचे इतना अधिक तनाव जमा हो गया है कि इसके परिणामस्वरूप 7 या 8 तीव्रता के कई भूकंप आ सकते हैं।

लेकिन कब क्या हो जाए इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है. हर साल औसतन 8 या उससे अधिक तीवता के एक से तीन भूकंप दर्ज किए जाते हैं, वहीं 7 और 8 तीव्रता के 10-15 भूकंप आते हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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(इनपुट एजेंसी से भी)

 

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