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US की महिलाएं अब अपनी मर्जी से नहीं करा सकेंगी गर्भपात,सुप्रीम कोर्ट ने खत्म किया संवैधानिक अधिकार,बाइडन ने कहा-फैसला गलत,ट्रंप ने किया स्वागत

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन(Joe Biden)ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की निंदा(Biden-condemned) करते हुए इसे गलत फैसला बताया है,तो वहीं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump)ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे भगवान का फैसला करार दिया(Trump-welcomes)है।

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वॉशिंगटन: अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of United States)ने शुक्रवार को 50 साल पुराने गर्भपात के ऐतिहासिक फैसले को पलट दिया है और महिलाओं से गर्भपात कराने का (Right to abortion) संवैधानिक अधिकार छिन्न लिया है।

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए गर्भपात कराने का संवैधानिक अधिकार(US Abortion Law)अब खत्म कर दिया (US-Supreme-Court-abolishes-50-year-old-constitutional-right-to-abortion)है।

कोर्ट ने इस फैसले को सुनाते हुए अपना ही पांच दशक पुराना फैसला पलट दिया है।

अमेरिका(US)के राष्ट्रपति जो बाइडन(Joe Biden)ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की निंदा(Biden-condemned) करते हुए इसे गलत फैसला बताया है,तो वहीं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump)ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे भगवान का फैसला करार दिया(Trump-welcomes)है।

पांच दशक पहले सुप्रीम कोर्ट में ही एक फैसला सुनाते हुए महिलाओं को अबॉर्शन कराने का अधिकार दिया गया था।

जबकि ताजा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संविधान गर्भपात का अधिकार नहीं देता(US-Supreme-Court-abolishes-50-year-old-constitutional-right-to-abortion)है।

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यानि अब अमेरिकी महिलाओं के पास अपने मन से गर्भपात कराने का अधिकार नहीं होगा। कोर्ट ने ये अधिकार स्टेट को सौंपा है कि वो अपनी मर्जी से महिलाओं और युवतियों के इस अधिकार के संबंध में निर्णय ले सकता है।

कोर्ट के इस फैसले के बाद विवाद शुरू हो गया है. 

कोर्ट ने कहा कि हमारी तरफ से Roe vs Wade केस को खारिज किया जाता (US-Supreme-Court-abolishes-50-year-old-constitutional-right-to-abortion)है।

हालांकि इसके साथ कोर्ट ने यह जरूर कहा कि अमेरिका के सभी राज्य गर्भपात कानून को लेकर अपने अलग नियम-कानून बना सकते हैं।

 

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जानें क्या है Roe vs Wade की कहानी
माना जाता है कि अबॉर्शन का अधिकार अमेरिका(US)के सबसे संवेदनशील मुद्दों में एक है। यह वह मुद्दा है जो अमेरिकी कट्टरपंथियों और उदारवादियों के बीच विभाजन रेखा भी खींचता है।

साल 1973 में अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात(Abortion)पर अपना एक ऐतिहासिक फैसला दिया था जिसे Roe vs Wade नाम दिया गया। अमेरिका के टेक्सास में रहने वाली लड़की नॉर्मा मैककॉर्वी की छोटी उम्र में ही शादी हो गई।

पहली बार वह 16 साल की उम्र में मां बनीं। वह उस वक़्त बच्चा पालने लायक स्थिति में नहीं थीं। उन्होंने अपना बच्चा अपनी मां की कस्टडी में छोड़ दिया। वह दूसरी बार मां बीस साल की उम्र में बनीं।

इसके 2 साल बाद ही जब वह तीसरी बार मां बनने वाली थीं तब उन्होंने अबॉर्शन कराना चाहा।

उस वक़्त टेक्सास में अबॉर्शन केवल उन स्त्रियों के लिए मान्य था जिन्हें जान का खतरा था। उसने फेडरल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से उसे गर्भपात की अनुमति नहीं मिली।

इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

यहां नौ जजों की बेंच ने 7:2 से फैसला करते हुए गर्भसमापन पर बैन लगाने वाले कानून को स्त्री विरोधी बताया और फ़ैसला उनके पक्ष में दिया और कहा कि गर्भ का क्या कहना है यह हक सिर्फ महिला को होना चाहिए।

इस फैसले में 28 हफ्ते तक अबॉर्शन की मंजूरी दी गई थी, इसे बदलकर बाद में एक बार बीस हफ्ता किया गया।

अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पलट देने के बाद से अमेरिका में माहौल काफी तनावपूर्ण(US-Supreme-Court-abolishes-50-year-old-constitutional-right-to-abortion) है।

 

 

 

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा- गलत है ये फैसला

इस मसले पर बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन(US President Joe Biden)ने लोगों से शांत रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही नहीं (Biden-condemned)है।

फिर भी लोग शांति बनाए रखें और हिंसक प्रदर्शन ना करें।

बाइडन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दुखद बताते हुए यहां तक कहा कि पूरे देश में महिलाओं का स्वास्थ्य और जीवन अब खतरे में है।

अदालत ने अमेरिकी जनता को अचानक एक संवैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया(US-Supreme-Court-abolishes-50-year-old-constitutional-right-to-abortion)है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया

पूर्व राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रप(Donald Trump)ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि ये “भगवान का फैसला” है।

कोर्ट द्वारा 50 साल पुराने नियमों में बदलाव के फैसले के बाद ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को कहा कि अलग-अलग राज्यों को गर्भपात पर अपने नियम बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा, ” कोर्ट संविधान का पालन कर रहा है और वो अधिकार वापस दे रहा है जो उन्हें बहुत पहले दिया जाना चाहिए था।” 

 

 

 

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