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Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date: आज से शुरू गुप्त नवरात्रि, जानें कब और कैसे पाएं मां दुर्गा का आशीर्वाद

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date: आज से शुरू हुई गुप्त नवरात्रि, जानें कब तक चलेगा पर्व और कैसे करें पूजा

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date जानने की उत्सुकता देशभर के देवी भक्तों में बनी हुई थी। अब इंतजार समाप्त हो चुका है क्योंकि Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date के अनुसार आज यानी 26 जून 2026, शुक्रवार से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है। Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date के अनुसार यह नौ दिवसीय पावन पर्व 4 जुलाई 2026 को महानवमी के साथ संपन्न होगा। यदि आप Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date के साथ पूजा विधि, घटस्थापना, नौ देवियों की आराधना, दस महाविद्याओं का महत्व और इन नौ दिनों में क्या करना चाहिए, यह जानना चाहते हैं तो यह विशेष लेख आपके लिए है।

 

 

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-आज से शुरू हुई आषाढ़ गुप्त नवरात्रि

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date: 26 जून से शुरू आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, मां दुर्गा, घटस्थापना, पूजा विधि और 9 दिनों की तिथि
Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date: आज से शुरू हुई आषाढ़ गुप्त नवरात्रि। जानें 26 जून से 4 जुलाई तक की तिथियां, घटस्थापना, पूजा विधि और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का महत्व।

भक्त जानना चाहते थे कि आखिर आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कब से शुरु है तो अब उनका इंतजार खत्म हो गया है चूंकि मां आदिशक्ति की आराधना का विशेष पर्व आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आज से प्रारंभ हो चुका है।

यह नवरात्रि सामान्य नवरात्रि से अलग मानी जाती है क्योंकि इसमें देवी साधना, मंत्र जाप, ध्यान, तप और आध्यात्मिक साधना को विशेष महत्व दिया जाता है।

साधु-संतों, तांत्रिक साधकों और शक्ति उपासकों के लिए यह नौ दिन अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।

हालांकि अब बड़ी संख्या में सामान्य श्रद्धालु भी गुप्त नवरात्रि के दौरान व्रत रखकर मां दुर्गा की पूजा करते हैं।

 


Ashadha Gupt Navratri 2026 कब शुरू और कब समाप्त होगी?

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि प्रारंभ होती है।

प्रारंभ

📅 26 जून 2026 (शुक्रवार)

समापन

📅 4 जुलाई 2026 (शनिवार)

नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा और व्रत का पारण किया जाएगा।

 

 

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-देश के प्रमुख शक्तिपीठों में कैसे मनाई जा रही है गुप्त नवरात्रि?

आज आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के पहले दिन कामाख्या शक्तिपीठ (असम), मां वैष्णो देवी (जम्मू-कश्मीर), मां ज्वालामुखी (हिमाचल प्रदेश), मां विंध्यवासिनी (उत्तर प्रदेश) और मां कालिका (उज्जैन) समेत कई प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और कई मंदिरों में दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन और विशेष आरती का आयोजन किया जा रहा है।

 


Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-क्यों खास होती है आषाढ़ गुप्त नवरात्रि?

चैत्र और शारदीय नवरात्रि पूरे देश में बड़े उत्सव के रूप में मनाई जाती हैं।

लेकिन गुप्त नवरात्रि अपेक्षाकृत शांत वातावरण में साधना करने का पर्व माना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि इन नौ दिनों में की गई उपासना से—

  • आत्मबल बढ़ता है।
  • मन शांत होता है।
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति होती है।
  • देवी कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।

यह भी पढ़े: Gupt Navratri 2023: शुरू हो गई है गुप्त नवरात्रि, जानें पूजा विधि और उपाय

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का महत्व

आज गुप्त नवरात्रि का पहला दिन है।

पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।

मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं।

इनकी आराधना से—

  • आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • जीवन में स्थिरता आती है।
  • मानसिक शक्ति मजबूत होती है।
  • शुभ कार्यों की शुरुआत सफल होती है।

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-आज करें घटस्थापना

गुप्त नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना से होती है।

कलश स्थापना देवी शक्ति के स्वागत का प्रतीक मानी जाती है।

यदि आपने अभी तक कलश स्थापना नहीं की है तो शुभ समय में यह पूजा कर सकते हैं।

घटस्थापना करते समय—

  • लाल वस्त्र का प्रयोग करें।
  • मिट्टी में जौ बोएं।
  • तांबे या मिट्टी का कलश रखें।
  • नारियल स्थापित करें।
  • अखंड दीप जलाएं।
  • मां दुर्गा का ध्यान करें।

 


Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-गुप्त नवरात्रि में किनकी पूजा होती है?

इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है।

  • मां शैलपुत्री
  • मां ब्रह्मचारिणी
  • मां चंद्रघंटा
  • मां कूष्मांडा
  • मां स्कंदमाता
  • मां कात्यायनी
  • मां कालरात्रि
  • मां महागौरी
  • मां सिद्धिदात्री

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date हर दिन देवी के अलग स्वरूप की पूजा करने का विधान बताया गया है।

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Ashadha Gupt Navratri 2026 26 जून से शुरू होगी। जानें नवरात्रि की तिथियां, 9 दुर्गा स्वरूप और 10 महाविद्याओं का महत्व।

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि केवल मां दुर्गा की पूजा तक सीमित नहीं मानी जाती।

यह समय दस महाविद्याओं की आराधना के लिए भी अत्यंत शुभ माना गया है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस अवधि में साधक विशेष मंत्र जाप और साधना करते हैं।

दस महाविद्याएं हैं—

  • मां काली
  • मां तारा
  • मां त्रिपुर सुंदरी
  • मां भुवनेश्वरी
  • मां छिन्नमस्ता
  • मां त्रिपुर भैरवी
  • मां धूमावती
  • मां बगलामुखी
  • मां मातंगी
  • मां कमला

मान्यता है कि इनकी उपासना से साधक को आध्यात्मिक ऊर्जा, आत्मबल और विशेष कृपा प्राप्त होती है।


आज का विशेष मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से मां भगवती की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

बहुत बढ़िया। अब Part-2 दे रहा हूँ। इससे आपका पूरा आर्टिकल लगभग 2300+ शब्दों का हो जाएगा और पुराने आर्टिकल से काफी अलग रहेगा।


Ashadha Gupt Navratri 2026 Day Wise Schedule

दिनतिथिदेवी स्वरूपविशेष महत्व
प्रथम26 जूनमां शैलपुत्रीघटस्थापना, नई शुरुआत
द्वितीय27 जूनमां ब्रह्मचारिणीतप और संयम
तृतीय28 जूनमां चंद्रघंटासाहस और शांति
चतुर्थ29 जूनमां कूष्मांडाऊर्जा और स्वास्थ्य
पंचमी30 जूनमां स्कंदमातासंतान सुख
षष्ठी1 जुलाईमां कात्यायनीविवाह एवं सफलता
सप्तमी2 जुलाईमां कालरात्रिभय और संकट से मुक्ति
अष्टमी3 जुलाईमां महागौरीसुख-समृद्धि
नवमी4 जुलाईमां सिद्धिदात्रीसिद्धि एवं व्रत पारण

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-गुप्त नवरात्रि में क्या करें?

यदि आप मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो इन नौ दिनों में कुछ विशेष नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है।

  • प्रतिदिन सूर्योदय से पहले स्नान करें।
  • घर के मंदिर में दीपक अवश्य जलाएं।
  • दुर्गा सप्तशती या देवी कवच का पाठ करें।
  • “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का जाप करें।
  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान दें।
  • कन्या पूजन श्रद्धा के साथ करें।
  • प्रतिदिन मां दुर्गा की आरती करें।
  • मन में सकारात्मक विचार रखें।

 

 


Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-गुप्त नवरात्रि में क्या नहीं करना चाहिए?

इन नौ दिनों में कुछ बातों से बचने की सलाह दी जाती है।

  • मांसाहार और शराब का सेवन न करें।
  • किसी का अपमान न करें।
  • झूठ और छल-कपट से बचें।
  • क्रोध और विवाद से दूर रहें।
  • पूजा के नियमों की अनदेखी न करें।
  • नकारात्मक सोच को अपने ऊपर हावी न होने दें।

गुप्त नवरात्रि में पूजा विधि

यदि आप पहली बार गुप्त नवरात्रि का व्रत रख रहे हैं, तो पूजा की यह सरल विधि अपना सकते हैं।

1. ब्रह्म मुहूर्त में उठें

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

2. पूजा स्थान तैयार करें

पूजा स्थल को साफ करें और लाल वस्त्र बिछाएं।

3. कलश स्थापना

मिट्टी में जौ बोकर कलश स्थापित करें और नारियल रखें।

4. देवी का आवाहन

मां दुर्गा का ध्यान करते हुए पुष्प अर्पित करें।

5. मंत्र जाप

कम से कम 108 बार

“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”

का जाप करें।

6. आरती

दुर्गा आरती के साथ पूजा पूर्ण करें।


यह भी पढ़े: Gupt Navratri 2022:गुप्त नवरात्रि आज से शुरु,जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत विधि

 

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-गुप्त नवरात्रि का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार Navratri का पावन पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित है और गुप्त नवरात्रि के दौरान किया गया जप, तप और साधना कई गुना फल देती है।

ऐसा माना जाता है कि मां भगवती की कृपा से—

  • जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
  • मानसिक तनाव कम होता है।
  • करियर में सफलता मिलती है।
  • व्यापार में उन्नति होती है।
  • परिवार में सुख-शांति आती है।
  • आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

गायत्री साधना का महत्व

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि को कई स्थानों पर गायत्री नवरात्रि भी कहा जाता है।

इन नौ दिनों में गायत्री मंत्र का जाप अत्यंत शुभ माना गया है।

गायत्री साधना से—

  • बुद्धि का विकास होता है।
  • निर्णय क्षमता बढ़ती है।
  • आत्मबल मजबूत होता है।
  • मन शांत रहता है।

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-दुर्गाष्टमी और महानवमी

इस वर्ष

दुर्गाष्टमी — 2 जुलाई 2026

इस दिन मां कालरात्रि की विशेष पूजा की जाएगी।

महानवमी — 4 जुलाई 2026

नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।


आज का शुभ रंग

🔴 लाल


आज का भोग

🥛 देसी घी से बनी मिठाई या शुद्ध घी का भोग


आज का शुभ मंत्र

ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः।

 

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date-आज गुप्त नवरात्रि से क्यों बढ़ी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़?

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date शुरू होते ही आज आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पर देशभर के शक्ति मंदिरों में भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। सुबह से ही श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और कलश स्थापना के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं। कई स्थानों पर विशेष दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन और देवी जागरण का आयोजन भी किया जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धापूर्वक मां शैलपुत्री की पूजा करने से पूरे नौ दिनों की साधना सफल मानी जाती है। गुप्त नवरात्रि में सुबह से लेकर रात तक की पूजा का विशेष महत्व होता है।


पहले दिन मां शैलपुत्री को कौन-सा भोग लगाएं?

गुप्त नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री को शुद्ध घी, सफेद मिठाई, मिश्री और गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि घी का भोग अर्पित करने से व्यक्ति को उत्तम स्वास्थ्य, मानसिक शांति और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है। पूजा के बाद इस प्रसाद को परिवार के सभी सदस्यों में बांटना भी शुभ माना गया है।

 


गुप्त नवरात्रि में किन लोगों के लिए विशेष फलदायी है यह साधना?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है जो आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति, करियर में सफलता या जीवन की बाधाओं से मुक्ति की कामना करते हैं। साधक, विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और गृहस्थ सभी श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की आराधना कर सकते हैं। नियमित मंत्र जाप और सात्विक जीवनशैली अपनाने से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होने की मान्यता है।


गुप्त नवरात्रि में दान का क्या महत्व है?

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date जानने के साथ यह भी जानें कि शास्त्रों में गुप्त नवरात्रि के दौरान दान-पुण्य को विशेष महत्व दिया गया है। इन दिनों जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, फल या दक्षिणा का दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि निस्वार्थ भाव से किया गया दान पुण्य फल में वृद्धि करता है और व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि तथा सकारात्मकता का संचार करता है। दान हमेशा अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार ही करना चाहिए।

 


गुप्त नवरात्रि के दौरान किन मंत्रों का जाप लाभदायक माना जाता है?

मां दुर्गा की उपासना में कई मंत्रों का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”, “ॐ दुं दुर्गायै नमः” तथा गायत्री मंत्र का नियमित जाप अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धा और एकाग्रता के साथ मंत्र जाप करने से मन को शांति मिलती है और देवी कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

 


निष्कर्ष

Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date के अनुसार इस वर्ष आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 26 जून 2026 से प्रारंभ होकर 4 जुलाई 2026 तक चलेगी। यह नौ दिन मां दुर्गा की आराधना, दस महाविद्याओं की साधना और आत्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। यदि श्रद्धा, नियम और सात्विकता के साथ पूजा-अर्चना की जाए तो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, मानसिक शांति और देवी कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। गुप्त नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संयम और आध्यात्मिक जागरण का भी विशेष अवसर है।

 


FAQs-Ashadha Gupt Navratri 2026 Start End Date

1. Ashadha Gupt Navratri 2026 कब शुरू हुई?

26 जून 2026, शुक्रवार से।

2. गुप्त नवरात्रि कब समाप्त होगी?

4 जुलाई 2026 को महानवमी के दिन।

3. पहले दिन किस देवी की पूजा होती है?

मां शैलपुत्री।

4. गुप्त नवरात्रि में किस मंत्र का जाप करना चाहिए?

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

5. क्या गुप्त नवरात्रि में कलश स्थापना की जाती है?

हाँ, पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है।

6. दस महाविद्याओं की पूजा क्यों की जाती है?

आध्यात्मिक उन्नति, आत्मबल और देवी कृपा प्राप्त करने के लिए।

7. गुप्त नवरात्रि में क्या नहीं करना चाहिए?

मांसाहार, नशा, झूठ, क्रोध और विवाद से बचना चाहिए।


🙏 क्या आप भी इस वर्ष आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का व्रत रख रहे हैं? कमेंट में “🚩 जय माता दी 🚩” अवश्य लिखें। इस जानकारी को अपने परिवार और मित्रों के साथ साझा करें ताकि वे भी गुप्त नवरात्रि की सही तिथियों, पूजा विधि और धार्मिक महत्व के बारे में जान सकें।


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Reena Arya

रीना आर्य www.samaydhara.com की फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ है। रीना आर्य ने पत्रकारिता के महज 6-7 साल के भीतर ही अपने काम के दम पर न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपनी पहचान बनाई बल्कि तमाम चुनौतियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए समयधारा.कॉम की नींंव रखी। हर मुद्दे पर अपनी ज्वलंत और बेबाक राय रखने वाली रीना आर्य एक पत्रकार, कंटेंट राइटर,एंकर और एडिटर की भूमिका निभा चुकी है।

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