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Budget 2021:बजट से मिडिल क्लास हुआ आहत, इंडस्ट्री को मिली राहत

सैलरीड क्लास के प्रॉविडेंट के फंड पर 2.50लाख से ऊपर के ब्याज पर अब सरकार इनकम टैक्स लगाएंगी...

Budget 2021-22 Middle class upset no changes in income tax slab

नई दिल्ली: बजट 2021(Budget 2021-22)आज सोमवार,1फरवरी पेश हो गया।इससे जहां एक ओर मिडिल क्लास मायूस(Middle class upset)है, तो वहीं इंडस्ट्री सेक्टर खुशी से झूम रहा(benefits for Industry) है। 

सैलरीड क्लास या कहें कि वो आम आदमी जिसकी सैलरी में लॉकडाउन के कारण कटौती हो गई या उसकी नौकरी चली गई। उसे उम्मीद थी कि शायद कोरोनाकाल के बजट में उसकी जेब का ख्याल रखा जाएगा।

लेकिन मिडिल क्लास के हाथ मायूसी ही लगी।

दूसरी ओर,जैसाकि की विशेषज्ञों द्वारा उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को बूस्टर डोज देने के लिए इंडस्ट्री और कंपनियों को बढ़ावा देने वाली घोषणाएं करेंगी।

ठीक हुआ भी वैसा ही। इंडस्ट्री को राहत देने वाले बहुत बड़ी-बड़ी घोषणाएं हो गई लेकिन मोदी सरकार आम आदमी यानि मिडिल क्लास को भूल गई।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने बजट 2021-22 में सैलरीड क्लास को राहत पहुंचाने के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की।

इनकम टैक्स स्लैब (Income Tax Slab)में भी कोई बदलाव नहीं किया (Budget 2021-22 Middle class upset no changes in income tax slab)गया।

इसे बजट 2020 के इनकम टैक्स स्लैब जैसा ही रखा गया है। इतना ही नहीं,सैलरीड क्लास के प्रॉविडेंट के फंड पर 2.50लाख से ऊपर के ब्याज पर अब सरकार इनकम टैक्स लगाएंगी।

जबकि आम आदमी सोच रहा था कि कोरोना संकट के कारण शायद उन्हें किसी तरह की छूट मिल जाएगी।

हालांकि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को इनकम टैक्स रिटर्न में राहत देते हुए एलान किया है कि अगर उनकी आय का एकमात्र स्रोत पेंशन है तो उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलं करने की जरूरत नहीं है।

लेकिन यहां भी इस बात को साफ नहीं किया गया है कि डिविडेंड इनकम इस दायरे में आएंगी या नहीं।

कुल मिलाकर कहा जाएं तो इतना साफ है कि बजट 2021(Union Budget 2021) में मिडिल क्लास या सैलरीड क्लास के लिए इनकम टैक्स में कोई भी राहत नहीं दी गई(Budget 2021-22 Middle class upset no changes in income tax slab) है।

 कोरोनावायरस के बाद पेश हुए इस पहले डिजिटल बजट में निर्मला सीतारमण ने बीमा कंपनियों को बेहतर राहत दी है।

इंश्योरेंस सेक्टर में अब FDI यानि विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी गई है। जबकि पहले यह 49 फीसदी थी। बीमा कंपनियों को इसका इंतजार लंबे समय से था।

हालांकि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर खासकर छोटे होटल,ढ़ाबों वालों को इस बजट से निराशा ही हाथ लगी है। लॉकडाउन का उनकी वित्तीय स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ा है।

बीते वर्ष में बजट2020(Budget 2020) के अपने भाषण में वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स स्लैब(Income tax slab) में बड़ा बदलाव किया था।

तब मिडिल क्लास के लिए इनकम टैक्स स्लैब में नई घोषणाएं की गई थी। तब इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि इनकम टैक्स स्लैब में दो ऑप्शन रखे गए थे।

 

बीते वर्ष के बजट के अनुसार, इनकम टैक्स स्लैब की मौजूदा दरें इस तरह से है:

– 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं

– 5 से 7.5 लाख: 10%, 

– 7.5 से 10 लाख: 15% 

– 10 से 12.5 लाख की आय पर अब 20% टैक्स

कुल मिलाकर देखा जाएं तो बजट 2021 एक चुनावी और इंडस्ट्री को राहत देने वाला बजट रहा है। आम आदमी को इससे निराशा ही हाथ लगी है।

 

Budget 2021-22 Middle class upset no changes in income tax slab

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Reena Arya

रीना आर्य www.samaydhara.com की फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ है। रीना आर्य ने पत्रकारिता के महज 6-7 साल के भीतर ही अपने काम के दम पर न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपनी पहचान बनाई बल्कि तमाम चुनौतियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए समयधारा.कॉम की नींंव रखी। हर मुद्दे पर अपनी ज्वलंत और बेबाक राय रखने वाली रीना आर्य एक पत्रकार, कंटेंट राइटर,एंकर और एडिटर की भूमिका निभा चुकी है।

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