breaking_newsअन्य ताजा खबरेंफैशनलाइफस्टाइल
Trending

Buddha Purnima 2022: आज बुद्ध पूर्णिमा पर इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा-दान,मनवांछित इच्छाएं होंगी पूरी!

बुद्ध पूर्णिमा या वैशाख पूर्णिमा पर पूजा करने का शुभ मुहूर्त सुबह 09:48 बजे तक ही है।

Buddha-Purnima-2022-Puja-Shubh-Muhurat-Vidhi-for-all-wishes-come-ture

आज बुद्ध पूर्णिमा है। सोमवार 16 मई 2022 को बुद्ध पूर्णिमा(Buddha-Purnima-2022)है,जिसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है।इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही चंद्र ग्रहण(Chandra Grahan 2022)भी है।

वैशाख पूर्णिमा(Vaishakh-Purnima)के दिन ही भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था,इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा कहते है। बुद्ध ने बौद्ध धर्म की स्थापना की थी।

हिंदू शास्त्रों के अनुसार,बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना गया है। इसलिए बुद्ध पूर्णिमा(Buddha-Purnima)के दिन बुद्ध के साथ-साथ भगवान विष्णु की भी पूजा-आराधना की जाती है।

इसके अतिरिक्त चंद्र देव की भी आज के दिन पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते है।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन विशेष और शुभ मुहूर्त में पूजा और दान करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

चलिए आपको बताते है बुद्ध पूर्णिमा की पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि,जिसमें आपकी मनवांछित इच्छाएं पूरी(Buddha-Purnima-2022-Puja-Shubh-Muhurat-Vidhi-for-all-wishes-come-ture)होंगी।

 

 

 

 

बुद्ध पूर्णिमा की पूजा का शुभ मुहूर्त –Buddha-Purnima-2022-Puja-Shubh-Muhurat

 

वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा के आरंभ होने की तिथि-15 मई, दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से शुरू हो गई है।

बुद्ध पूर्णिमा के समाप्त होने का समय- 16 मई,  9 बजकर 45 मिनट तक।

 

बुद्ध पूर्णिमा या वैशाख पूर्णिमा पर पूजा करने का शुभ मुहूर्त सुबह 09:48 बजे तक ही है।

इस दिन वरियान योग और मित्र नामक औदायिक योग भी बन रहा है. इस समय में पूजा और दान करना श्रेष्ठ माना जाता है।

वैसे भी हिंदू धर्म के अनुसार वैशाख महीना भगवान विष्‍णु को समर्पित किया गया है। इस महीने में भगवान विष्‍णु(God Vishnu)की पूजा करना बहुत लाभ देता है।

ऐसे में वैशाख पूर्णिमा के दिन श्रीहरि की पूजा करने, इस दिन व्रत रखने से भगवान प्रसन्‍न होंगे।

इस दिन व्रत-पूजा करने से आत्‍मबल बढ़ता है और व्‍यक्ति तेजी से तरक्‍की करता है। चूंकि इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल(Chandra Grahan Sutak Kaal) मान्‍य नहीं है इसलिए वैशाख पूर्णिमा की पूजा-पाठ में कोई रुकावट नहीं आएगी।

Buddha-Purnima-2022-Puja-Shubh-Muhurat-Vidhi-for-all-wishes-come-ture

chandra grahan2021:आज है वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण,जानें सूतक काल

 

बुद्ध पूर्णिमा पूजा विधि –Buddha-Purnima-2022-Puja-Shubh-Muhurat-Vidhi

सभंव हो तो इस दिन व्रत जरूर रखें। बुद्ध पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान, दान और पूजा-पाठ का विषेश महत्व होता है।

इस दिन दान करने से कई गुना ज्‍यादा फल मिलता है। अगर किसी कारणवश नदी में स्नान न कर पाएं तो इसके जल मिले पानी से नहाएं।

उसके बाद सूर्य को अर्ध्‍य दें। साथ ही पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं। इस दिन भगवान विष्‍णु की पूजा करें।

इसके अलावा अगर आपसे अनजाने में कोई पाप हो गया है तो इस दिन चीनी और तिल का दान देने से इस पाप से छुटकारा मिल जाता है।

अब बताते है बुद्ध पूर्णिमा पर पूजा करने का तरीका।

-सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।

-इसके बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु का जल चढ़ाएं।

-इसके बाद घी का दीपक जलाएं। फिर भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और आरती करें।

-अगर प्रसाद में तुलसी(Tulsi) का इस्तेमाल करते हैं तो बेहतर होगा। इस दिन सात्विक खाना ही खाएं।

 

वर्तमान और अतीत के पाप कर्मो से मुक्ति दिलाता है कामदा एकादशी व्रत,जानें शुभ मुहूर्त,पारण का समय

 

 

वैशाख पूर्णिमा पर दान दें ये वस्तुएं

Buddha-Purnima-2022-Puja-Shubh-Muhurat-Vidhi-for-all-wishes-come-ture

हिंदू धर्म में दान करने का बहुत महत्‍व है। खासतौर पर व्रत-त्‍योहारों पर दान करने का महत्‍व और भी बढ़ जाता है।

वैशाख पूर्णिमा पर जल दान करने का सबसे ज्‍यादा महत्‍व है. इस दिन मंदिर में जल से भरे मटके दान करें. प्‍याऊ पर भी जल से भरे मटके दान करें।

राहगीरों को पानी पिलाएं, गरीबों को भोजन, छाता, रस वाले फलों का दान करें।

वहीं दूध और खीर का दान करने से कुंडली में चंद्र मजबूत होगा।

व्रत-पूजा-दान के अलावा शुभ-मांगलिक कामों के लिए भी आज का दिन बहुत शुभ है।

 

आज है देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह,जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

 

Buddha-Purnima-2022-Puja-Shubh-Muhurat-Vidhi-for-all-wishes-come-ture

Show More

shweta sharma

श्वेता शर्मा एक उभरती लेखिका है। पत्रकारिता जगत में कई ब्रैंड्स के साथ बतौर फ्रीलांसर काम किया है। लेकिन अब अपने लेखन में रूचि के चलते समयधारा के साथ जुड़ी हुई है। श्वेता शर्मा मुख्य रूप से मनोरंजन, हेल्थ और जरा हटके से संबंधित लेख लिखती है लेकिन साथ-साथ लेखन में प्रयोगात्मक चुनौतियां का सामना करने के लिए भी तत्पर रहती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button