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Lunar Eclipse 2021: देख लो यह चंद्रग्रहण या फिर करो 648 सालों का इंतजार..!

चंद्रग्रहण क्यों है महिलाओं के लिए घातक..?ज्योतिषाचार्य के अनुसार, चंद्र ग्रहण का हर व्यक्ति के जीवन पर कुछ सकारात्मक तो कुछ नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

lunar eclipse 2021 sabse lamba chandragrahan longest partial lunar eclipse on 19 november 2021

नयी दिल्ली (समयधारा) Lunar Eclipse 2021 (चंद्रग्रहण 2021) : इस साल का अंतिम चंद्रग्रहण 19 नवंबर को होगा l

यह चंद्रग्रहण अपने आप में बेहद ही ख़ास हैl क्योंकि 580 साल बाद इंतना लंबा ग्रहण आया है l

पिछली बार इतना लंबा आंशिक चंद्रग्रहण 18 फरवरी 1440 को हुआ था और अगली बार इसी तरह का चंद्रग्रहण 8 फरवरी 2669 में देखा जा सकता है।

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चंद्र ग्रहण ज्योतिष के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, चंद्र ग्रहण का हर व्यक्ति के जीवन पर कुछ सकारात्मक तो कुछ नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

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वही धर्मशास्त्रों में ग्रहण को अशुभ माना गया है। मान्यता है कि ग्रहण के समय में किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

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कितनी देर का होगा चंद्र ग्रहण : 

ग्रहण का प्रारम्भ: 19 नवंबर 2021 की दोपहर 12:45pm बजे।
ग्रहण का मध्यकाल: 19 नवंबर 2021 की दोपहर 2:29pm बजे।
ग्रहण समाप्त :  19 नवंबर 2021 की शाम 4:17pm बजे।
इस ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 28 मिनट और 24 सेकंड है।

chandra grahan2021:आज है वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण,जानें सूतक काल

chandra grahan2021:आज है वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण,जानें सूतक काल

साल 2021 का अंतिम चंद्र ग्रहण (Last lunar eclipse of 2021) 19 नवंबर 2021 दिन शुक्रवार को लगने वाला है।

19 नवंबर 2021 को लगने वाला यह चंद्रग्रहण 580 साल बाद सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा।

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यह चंद्र ग्रहण सदी का सबसे लंबा समय तक रहने वाला चंद्रग्रहण बताया जा रहा है।

यह ग्रहण उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत क्षेत्र (Pacific region) और उत्तर भारत (Northeast India) के कुछ हिस्सों में नजर आएगा।

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यह पूर्वोत्तर में भारत के कुछ राज्यों में दिखाई देगा। यह साल 2021 का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा।

इसके पहले आखिरी बार इतना लंबा चंद्र ग्रहण 18 परवरी 1440 को लगा था।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (space agency) NASA ने कहा कि आंशिक चंद्रग्रहण 18 और 19 नवंबर को होगा।

आंशिक चंद्रग्रहण तब लगता है जब पृथ्‍वी की हल्‍की सी छाया चंद्रमा पर पड़ने लगती है।

नासा का कहना है कि पृथ्‍वी की छाया चंद्रमा पर कुछ घंटे तक बनी रहेगी।

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अगर मौसम ने साथ दिया तो जहां जहां पर चंद्रमा निकलता है, वहां वहां पर यह अद्भुत खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा।

अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ क्षेत्रों में चंद्रोदय के ठीक बाद आंशिक ग्रहण के अंतिम क्षणों का अनुभव होगा,

जो पूर्वी क्षितिज के बहुत करीब रहेगा। इस आंशिक चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 28 मिनट और 24 सेकेंड होगी।

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सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण एक प्रकार अद्भुत खगोलीय घटनाक्रम है।

बता दें कि चंद्र ग्रहण 3 तरह के होते हैं। पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण, दूसरा आंशिक चंद्र ग्रहण और तीसरा उपछाया चंद्र ग्रहण। इस बार उपछाया चंद्र ग्रहण है।

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जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आती है और इसकी छाया से जब चंद्रमा पूरी तरह ढक जाता है तो ऐसे में इसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

1. पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) : जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती है तो चंद्रमा को पूरी तरह से ढक लेती है। उस समय पूर्ण चंद्र ग्रहण लगता है और चंद्रमा का रंग लाल हो जाता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक मान्य होता है। इसे सुपर ब्लड मून भी कहा जाता है।

2. आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) : जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच में पूरी तरह नहीं आती, ऐसे में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जाता है। आंशिक चंद्र ग्रहण बहुत ज्यादा समय का नहीं होता, लेकिन इसमें सूतक मान्य होता है।

3. उपच्छाया चंद्र ग्रहण (Penumbral Lunar Eclipse) : जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में पूरी तरह से नहीं आ पाते, तो सूरज की रोशनी का कुछ हिस्सा पृथ्वी की आड़ से चांद तक नहीं पहुंच पाता और चंद्रमा की बाहरी सतह को पृथ्वी कवर कर लेती है। इसे ही उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहा जाता है। उपच्छाया ग्रहण के दौरान चांद मटमैला सा नजर आता है। इसमें सूतक काल मान्य नहीं होता है।

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