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WhatsApp ने privacy policy पर लगाई स्वैच्छिक रोक,सर्विस जारी रखने पर ये कहा….

दूसरे शब्दों में कहें तो, जिन यूजर्स ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकर नहीं किया है,उन्हें व्हाट्सएप की सर्विस पहले की ही तरह मिलती रहेगी...

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नई दिल्ली:Whatsapp अपनी नई privacy policy को लेकर शुरु से ही विवाद में रहा है। शुक्रवार को कंपनी ने इस मामले की सुनवाई पर दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi High Court) में जवाब दिया कि व्हाट्सएप अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी पर फिलहाल स्वैच्छिक रोक लगा रहा (WhatsApp-keeps-privacy-policy-on-hold)है।

जब तक डाटा प्रोटेक्शन बिल लागू नहीं हो जाता,तब तक व्हाट्सएप अपनी सर्विस को सीमित नहीं(till-enactment-of-data-privacy-law) करेगा।

व्हाट्सएप ने हाईकोर्ट को बताया कि हमारे केस में कोई रेगुलेटर बॉडी नहीं है, इसलिए फैसला सरकार ही करेगी।

WhatsApp keeps privacy policy on hold till enactment of data privacy law,says in Delhi high court

हमने अपनी इच्छा से व्हाट्सएप प्राइवेसी पॉलिसी पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी है और हम इसे अब कुछ समय तक लागू नहीं(WhatsApp-keeps-privacy-policy-on-hold-till-enactment-of-data-privacy-law) करेंगे।

दूसरे शब्दों में कहें तो, जिन यूजर्स ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकर नहीं किया है,उन्हें व्हाट्सएप की सर्विस पहले की ही तरह मिलती रहेगी।

सभी फीचर्स का लाभ यूजर्स पहले की ही तरह लेते रहेंगे।

जबकि पहले व्हाट्सएप ने एलान कर दिया था कि उसकी नई प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकर न करने पर यूजर्स को WhatsApp की सर्विस सीमित फीचर्स के साथ ही उपलब्ध होगी,लेकिन अब ऐसा नहीं है।

गौरतलब है कि Competition Commission ने Whatsapp की नए प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर जांच का ऑर्डर दिया था।  व्हाट्सएप मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।

 

 

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा-डाटा कलेक्शन पर क्या भारत-यूरोप के लिए अलग नीति है?

शुक्रवार को चली सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप से स्पष्ट शब्दों में पूछा कि क्या डाटा कलेक्शन को लेकर आपकी भारत और यूरोप में अलग-अलग नीति है?

हाईकोर्ट ने कहा कि आपके खिलाफ आरोप है कि आप डाटा कलेक्शन करके दूसरों को उपलब्ध कराना चाहते है जोकि आप यूजर्स की सहमति के बिना नहीं कर सकते।

आप पर आरोप है कि आपके पास भारत के लिए एक अलग पैमाना है और भारत-यूरोप में आप अलग-अलग नीति पर काम कर रहे है?

इस पर व्हाट्सएप ने कहा कि हमने इस बात की प्रतिबद्धता रखी है कि पार्लियामेंट से कानून पास होने तक हम कुछ नहीं करेंगे।

अगर पार्लियामेंट हमें भारत के लिए अलग नीति बनाने की अनुमति देती है,तो हम उसे भी बना लेंगे।

यदि ऐसा नहीं होता है, तो हम इस पर भी विचार करेंगे।

(CCI) उस नीति की जांच कर रहा है, अगर संसद हमें डाटा साझा करने की अनुमति देती है, तो सीसीआई कुछ नहीं कह सकता।

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हाईकोर्ट ने CCI के नोटिस पर रोक लगाने से कर दिया था इनकार

गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट में Whatsappऔर उसकी अधिकृत कंपनी फेसबुक (Facebook)की एक याचिका पर सुनवाई चल रही थी,इसमें व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी(whatsapp new privacy policy) के खिलाफ CCI की जांच में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया गया था।

हालांकि, 23 जून को दिल्ली हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी की जांच के विषय में फेसबुक और मैसेजिंग एप से कुछ सूचना मांगने वाले CCI के नोटिस पर रोक लगाने से साफ इंकार कर दिया था।

 

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