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लद्दाख में 45 साल में पहली बार भारत-चीन सैनिकों के बीच हिंसक झड़प,3सैनिक जवान

भारतीय सेना (Indian Army) का एक कर्नल और दो जवान शहीद हो गए हैं। 1962 के बाद लद्दाख इलाके में पहली बार 45 साल बाद ऐसा मौका आया है जब सैनिक शहीद हुए है

India-China border tension latest updates

नई दिल्ली: चीन के बाद फिर अपनी फितरत के अनुरूप एक ओर बात और दूसरी ओर झड़प कायम रखी है।सोमवार 15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) में चीन और भारतीय सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसमें भारतीय सेना का एक कर्नल और दो जवान शहीद हो गए (3Indian soldiers martyred) हैं।

1962 के बाद लद्दाख इलाके में पहली बार 45 साल बाद ऐसा मौका आया है जब सैनिक शहीद (soldiers martyred) हुए है और दोनों देशों के बीच खूनी संघर्ष (violent face-off’ at Ladakh border) हुआ है। हालांकि सेना के सूत्रों ने बताया है कि चीनी सैनिक भी शहीद हुए है।

सूत्रों के अनुसार, चीन के भी पांच जवान शहीद हुए है लेकिन इस बात की भारत या चीन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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चीन और भारत जब भी भिड़े बर्बादी दोनों देशों की हुई है। बीते काफी समय से लद्दाख बॉर्डर (Ladakh border) पर भारत-चीन के बीच तनाव कायम (India-China border tension) है,

लेकिन साथ ही अधिकारी स्तर पर बातचीत भी चल रही है,लेकिन फिर 15 जून की रात यह बातचीत इतने बड़े खूनी संघर्ष में बदल गई कि हमारे तीन जवान शहीद हो गए और चीन को भी नुकसान हुआ है।

बिना गोली चलाएं दोनों ओर के सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defense minister Rajnath Singh) ने स्थिति की समीक्षा की है। विदेश मंत्री, सीडीएस और तीनों सेना प्रमुखों के साथ उनकी हाई लेवल बैठक होने जा रही है। चीन ने हिंसक झड़प का ठीकरा भारतीय सैनिकों पर फोड़ है।

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चीन के विदेश प्रवक्ता ने कहा है कि भारत की ओर से सीमा में घुसने की कोशिश की गई तभी दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। पीछे हटने के दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई।

कहा जा रहा है भारत-चीन सैनिकों के बीच फायरिंग नहीं हुई बल्कि संभवत: लोहे की रोड से सैनिकों पर हमला हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, हमारे कुछ और जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। चीन के कितने जवानों को नुकसान हुआ है, इसकी जानकारी फिलहाल भारतीय सेना प्रवक्ता की ओर से नहीं दी गई है।

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चीन और भारत के सैनिकों के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक भिड़त इस बात का सबूत है कि चीन आज भी धोखेबाजी से बाज नहीं आ रहा।

एक ओर हमारे सेना अधिकारी (Indian Army) निरंतर विवाद को शांत करने के लिए बैठक कर रहे है तो दूसरी ओर लद्दाख बॉर्डर पर हमारे सैनिक शहीद किए जा रहे है।

 

हालातों की समीक्षा पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की बड़ी बैठकIndia-China border tension latest updates

बॉर्डर के हालात देखते हुए खुद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ विपिन रावत और तीनों सशस्त्र सेनाओं के प्रमुखों के साथ बड़ी बैठक की है।

राजनाथ सिंह के आधिकारिक आवास 24, अकबर रोड पर हुई इस बैठक में सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, चीफ ऑफ एयर स्टाफ आरकेएस भदौरिया और नौसेना प्रमुख करमबीर सिंह ने हिस्सा लिया है।

दूसरी तरफ सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे का पठानकोट मिलिटरी स्टेशन का दौरा रद्द किया गया।

 

फिर शुरू हुई तनाव खत्म करने की कोशिशें
चीन की सेना (Chinese troops) के कहने पर 16 जून को तनाव खत्म करने के लिए सुबह 7.30 बजे दोनों देशों के सीनियर मिलिट्री ऑफिसर्स के बीच बातचीत फिर शुरू हुई है। दोनों देशों के सीनियर फौजी अफसर बातचीत कर रहे है।

गौरतलब है कि भारत-चीन के बीच सीमा (Indo-china border) पर काफी दिनों से तनाव जारी है। दरअसल दोनों देशों के मध्य LAC लाइन ऑफ आर्टिफिशियल कंट्रोल पर कोई आधिकारिक बंटवारा नहीं हुआ है।

भारतीय सेना लद्दाख में निर्माण कार्य कर रही है, इसे लेकर चीन ने आपत्ति जताई है। चीन (China) का दावा है कि भारत उसके इलाके में निर्माण कार्य कर रहा है।

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आपको बता दें कि पेंगॉन्ग सो में हिंसक झड़प के बाद पांच मई से ही भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध चल रहा है। पेंगॉन्ग सो झील के पास फिंगर इलाके में भारत द्वारा महत्वपूर्ण सड़क बनाने पर चीन ने कड़ा ऐतराज किया था।

इसके अतिरिक्त गलवान घाटी में दरबुक-शायोक-दौलत बेग ओल्डी रोड को जोड़ने वाली सड़क पर भी चीन ने आपत्ति जतायी थी. इसके बाद से ही दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं ।

छह जून को सैन्य स्तरीय वार्ता के दौरान भारत और चीन 2018 में वुहान शिखर बैठक में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति के आधार पर फैसला करने पर सहमत हुए थे ।

छह जून को लेह की 14 वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और तिब्बती सैन्य जिले के कमांडर मेजर जनरल लिउ लिन के बीच समग्र बैठक हुई थी ।

 

 

 

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(इनपुट एजेंसी से भी)

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