लाइफस्टाइलbreaking_newsअन्य ताजा खबरेंफैशन
Trending

Friday thoughts:ना मस्जिद की बात हो, ना शिवालों की बात हो…

बच्चे भूखे सो रहे हैं, पहले निवालों की बात हो।।

Friday-thoughts-good-morning-quotes-inspirational-motivation-quotes-in-hindi-positive

 

ना मस्जिद की बात हो, ना शिवालों की बात हो।
बच्चे भूखे सो रहे हैं, पहले निवालों की बात हो।।

 

 

 

 

 

जो दुनिया को देखने का अलग नजर रखता है,
वही बुलंदियों को छूने का सही हुनर रखता है ।

 

 

 

 

 

 

बुलंदी देर तक किस शख्श के हिस्से में रहती है

बहुत ऊँची इमारत हर घड़ी खतरे में रहती है।

 

 

 

 

 

किसी मुकाम को हासिल करना;
कोई बड़ी बात नहीं है,
उस मुकाम पर ठहरना बड़ी बात होती है।
कामयाबी हासिल करना बड़ी बात नहीं है
उसे बरक़रार रखना बड़ी बात होती है
चुनौतियों के इस दौर में सब बुलंदियों को छूने में लगे हैं
बुलंदियों को छूना बड़ी बात नहीं है
बुलंदियों पर टिकना बड़ी बात होती है।

 

 

 

 

 

 

यह भी पढ़े : 

Sunday Thoughts : हौसले के तरकश में कोशिश का वो तीर ज़िंदा रखो, हार जाओ चाहे

Saturday Thoughts : जब तक जीना ,तब तक सीखना,अनुभव ही जिंदगी में सर्वश्रेष्ठ..

Wednesday Thoughts : मन ऐसा रखो कि किसी को बुरा न लगे…

Thursday thoughts:जिन्दगी से हमेशा प्यार करो क्योंकि जिन्दगी बहुत हसीन है।

Saturday Thoughts : मन का झुकना बहुत जरूरी है, केवल सर झुकाने से….

Friday Thoughts : बस एक तज़ुर्बा लिया है ज़िन्दगी से.. अपनो के नज़दीक रहना है..

Wednesday Thoughts : डाली से टूटा फूल फिर से लग नहीं सकता है मगर…

Tuesday Thoughts : किसी भी रिश्ते को बनाए रखने के लिए गिड़गिड़ाने की जरुरत नहीं

Sunday Thoughts : असफल होना बुरा है लेकिन प्रयास ही ना करना महाबुरा है

Friday Thoughts : मैं उन लोगों का आभारी हूं जिन्होंने मुझे छोड़ दिया…..

गुरुवार सुविचार : हम आ जाते हैं बहुत जल्दी दुनियां की बातों में गुरु की बातों में

 

 

 

 

 

 

Friday-thoughts-good-morning-quotes-inspirational-motivation-quotes-in-hindi-positive


आपको यह खबर कैसी लगी?

अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है, तो इसे अपने WhatsApp दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

ऐसी ही और ताज़ा खबरों के लिए 'समयधारा' (Samaydhara) से जुड़े रहें।


Show More

Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button