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Friday Thoughts: मृत्यु से डरने का सबसे गहरा कारण यह है…

...कि हम नहीं जानते कि हम कौन हैं। – गौतम बुद्ध

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मृत्यु से डरने का सबसे गहरा कारण यह है,

कि हम नहीं जानते कि हम कौन हैं। – गौतम बुद्ध

 

 

 

 

दिवंगत के लिए सबसे बड़ी श्रद्धांजलि शोक नहीं कृतज्ञता है। -थॉर्नटन वाइल्डर

 

 

 

 

जीत के कई परिणाम हो सकते है,

पर हार का सिर्फ एक ही परिणाम

होना चाहिए वो है …

“सबक”

 

 

 

 

कान की शोभा शास्त्र सुनने से है,

कुंडल पहनने से नहीं,

हाथ की शोभा दान से है,

कंगन से नहीं

और इस शरीर की शोभा परोपकार से है,

चंदन से नहीं ….!!!

 

 

 

 

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……. “डर”……
मृत्यु को नही रोक सकता,
ये जीवन को रोकता है !

जितने वाला ही नहीं बल्कि कहाँ पर क्या हारना है..!!

ये जानने वाला भी सिकन्दर होता है..!!

Saturday Thoughts : दोस्ती जब किसी से की जाये, तो दुश्मनों की भी राय ली जाए 

 

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Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

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