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Wednesday Thoughts : कटीली झाड़ियों पर ठहरी हुई बूंदों ने बस यही बताया है…

पत्तों ने साथ छोड़ा तो क्या, कुदरत ने तुझे मोतियों से सजाया है - सुविचार

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कटीली झाड़ियों पर

ठहरी हुई बूंदों ने बस यही बताया है 

पत्तों ने साथ छोड़ा तो क्या 

कुदरत ने तुझे मोतियों से सजाया है 

Thursday thoughts:किसी आदमी की किस्मत का लिखा कोई दूसरा नहीं ले सकता है

जो कल था उसे भूलकर तो देखो,

जो आज है उसे जी कर तो देखो,

आने वाला पल खुद ही संवर जाएगा,

एक बार ॐ साईं राम बोलकर तो देखो

Thursday thoughts:जब हमारे जीवन में कठिनाइयां आती है, तो वह हमें कष्ट देती है…

किसी ने पूछा कि उम्र और जिंदगी में क्या फर्क है?

बहुत सुंदर जवाब।

जो बाबा जी के बिना बीती,

वो उम्र और जो बाबा जी के साथ बीती वो जिंदगी

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Thursday thoughts:जिन्दगी से हमेशा प्यार करो क्योंकि जिन्दगी बहुत हसीन है।

छू जाते हो मुझे कितनी ही बार, ख्वाब बनकर मेरे साईं राम,

ये दुनिया न जाने फिर क्यों कहती है, के तुम मेरे करीब नहीं मेरे साईं राम।

Thursday thoughts:लगन का अर्थ उन्नीस बार विफल होने के बाद 20वीं बार सफल होना है

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Friday Thoughts : बस एक तज़ुर्बा लिया है ज़िन्दगी से.. अपनो के नज़दीक रहना है..

Thursday thoughts:जो कल था उसे भूलकर तो देखो,जो आज है उसे जी कर तो देखो,

Wednesday Thoughts : डाली से टूटा फूल फिर से लग नहीं सकता है मगर…

Tuesday Thoughts : किसी भी रिश्ते को बनाए रखने के लिए गिड़गिड़ाने की जरुरत नहीं

Sunday Thoughts : असफल होना बुरा है लेकिन प्रयास ही ना करना महाबुरा है

Friday Thoughts : मैं उन लोगों का आभारी हूं जिन्होंने मुझे छोड़ दिया…..

Thursday Thoughts : जब दुनिया आपको नीचा दिखाने की कोशिश करें तो

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Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

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